
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) 27 वर्षो बाद सता में वापसी की, जहां बीजेपी
ने 70 में से 48 सीटें जीतकर AAP को हराया। इस जीत के बाद भाजपा के सामने नए मुख्यमंत्री के लिए
नयें चेहरे का चयन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। हालांकि,पार्टी ने अभी तक आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री पद
के नियुक्ति के लिए किसी नाम की घोषणा नहीं की है। लेकिन कई प्रमुख नेताओं के नाम इस दौड़ में चर्चा में हैं,Delhi Next Cm 2025 कौन होगा।
दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन? भाजपा के ये नेता हो सकते हैं संभावित दावेदार
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने के बाद, सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि भाजपा किसे दिल्ली
का नया मुख्यमंत्री बनाएगी। इस रेस में कई दिग्गज नेता शामिल हैं। इनमें संगठन से जुड़े पुराने चेहरों से लेकर लोकप्रिय
सांसद और विधायक भी शामिल हैं। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से नाम सबसे आगे चल रहे हैं।
मनोज तिवारी – पूर्वांचल के बड़े नेता
मनोज तिवारी, उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह पूर्वांचली मतदाताओं के बीच बेहद
लोकप्रिय हैं। 2016 से 2020 तक उन्होंने दिल्ली भाजपा का नेतृत्व किया और पार्टी को मजबूत बनाया।
यदि भाजपा पूर्वांचली मतदाताओं को साधना चाहती है, तो मनोज तिवारी एक मजबूत दावेदार हो सकते हैं।
मनजिंदर सिंह सिरसा – सिख समुदाय का बड़ा चेहरा
मनजिंदर सिंह सिरसा, राजौरी गार्डन से विधायक और भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री हैं। वे 2021 में शिरोमणि अकाली दल
छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। उनकी मजबूत सिख पकड़ और दिल्ली के पंजाबी समुदाय में अच्छी पकड़ है।
उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए एक अहम चेहरा बनाती है।
स्मृति ईरानी – भाजपा का महिला चेहरा
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम भी संभावित मुख्यमंत्री के रूप में चर्चा में है। 2019 में अमेठी से राहुल गांधी को
हराकर चर्चा में आईं स्मृति, भाजपा की अनुभवी नेता हैं। दिल्ली में महिला मतदाताओं को आकर्षित करने और
भाजपा के राष्ट्रीय एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए उनकी नियुक्ति अहम हो सकती है।
विजेंद्र गुप्ता – अनुभवी भाजपा नेता
रोहिणी से विधायक विजेंद्र गुप्ता दो बार दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रह चुके हैं। उनकी संगठन और संघ में
मजबूत पकड़ है, जो उन्हें एक उपयुक्त मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाता है। प्रशासनिक अनुभव और भाजपा की
विचारधारा से उनकी नजदीकी उन्हें इस रेस में आगे रखती है।
मोहन सिंह बिष्ट – जमीनी स्तर के नेता
मुस्तफाबाद से विधायक मोहन सिंह बिष्ट 1998 से 2015 तक लगातार चार बार चुनाव जीत चुके हैं। संघ और संगठन
में उनकी अच्छी पकड़ है, और पहाड़ी समुदाय में उनका प्रभाव भी मजबूत है। भाजपा यदि जमीनी कार्यकर्ताओं और
पुराने नेताओं को महत्व देना चाहेगी, तो मोहन सिंह बिष्ट एक अहम दावेदार हो सकते हैं।
वीरेंद्र सचदेवा – भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष
दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं। उन्होंने पार्टी के कई अहम पदों पर
कार्य किया है और दिल्ली भाजपा को नेतृत्व दिया है। यदि भाजपा संगठन से किसी मजबूत चेहरे को लाना चाहेगी, तो उनका नाम शीर्ष पर रह सकता है।
Leave a Reply